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Tuesday, September 20, 2011

राग यमन .....सरगम गीत का अन्तरा.....

पीत  कमल ..
राग यमन
 ठाट :कल्याण              
जाती :सम्पूर्ण            
समय :रात्री का प्रथम प्रहर 
वादी :ग(गंधार)           
संवादी:नि (निषाद)





आरोह:   नि रे ग प धनि सां
अवरोह:  सां नि ध प ग रे सा 

सरगम गीत का अन्तरा दे रही हूँ .....कोशिश करूंगी इसे पोडकास्ट भी कर सकूँ ...किन्तु उसके लिए थोडा और वक़्त लगेगा ...
अन्तरा.....

   ग     प   सां   $    सां    $   सां    रें   गं   रें   सां   नि  ध   प 
गं   रें   सां   नि   ध  प   नि    ध   प       ग    रे   ग    रे   सा   $
नि  रे   ग       प   ध  नि   सां   रें    नि  ध   प      प   ग   म 


कृपया पढ़ते रहें ...और अभ्यास जारी  रखें.......

12 comments:

  1. बढ़िया.... सरगम नोट कर लिया है... अब अभ्यास की बारी है...
    सादर आभार...

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  2. बहुत सुन्दर ! बेहतरीन प्रस्तुती!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  3. आपको सपरिवार
    नवरात्रि पर्व की बधाई और
    शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  4. अच्छा लगता है जब भी इस ब्लॉग पर आता हूँ।

    अगली पोस्ट का इंतज़ार है।

    सादर

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  5. Vande matram ki sargam
    sa re ma pa ma pa ma pa ni sa
    sa re ni dh pa
    pa dh ma ga re

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  6. प्रणाम। संगीत में गहरी रूचि है। अफ़सोस हुआ कि इस ब्लॉग पर पहले क्यों नहीं आया।

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